मैं satendra kumar sharma (P S KHAJWA 121 RAIPUR K REWA M.P) से हूँ। जेंडर भेद सामाजिक है ,जैविक रूप से सभी समान है| शारीरिक, भावनात्मक और मनोपरक समानता मेल ,फीमेल औरथर्ड जेंडर तीनो मे है अत:कक्षा में पाठ्यपुस्तक कीगतिविधियॉ करने के अवसर सभी को समान ता व समतापूर्वक उपलब्ध करांयगे| समाज में व्याप्त लैंगिक असमानता के भेदभाव को समाप्त करने या कम करने के प्रयास हमें सतत रूप से करते रहना चाहिए ।बच्चों को इस बारे में हमेशा शिक्षा देते रहना चाहिए ।जब भी अनजान लोग भी कई तरह का कार्य कर सकते हैं ।जैसे खेल कूद, डॉक्टर ,वैज्ञानिक आदि का कार्य दिव्यांग व्यक्ति कर सकते हैं ।अत: उन्हे नजर अंदाज नहीं करना चाहिए ।उन्हें पढ़ाने हेतु कक्षा में भी कई व्यवस्थाएं की जा सकती हैं ।बच्चों की जानकारी देते रहना चाहिए स्कूलों में भी उन्हे पढ़ाने के लिए हम विशेष त्यवस्थाएं कर सकते हैं ।

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मैं satendra kumar sharma P S KHAJWA 121 RAIPUR K REWA M.P. से हूँ । 3 से 4 साल के बच्चे और 4 से 5 साल के बच्चे खेल के माध्यम से या छोटी वस्तुओं के माध्यम से जैसे चॉकलेट, गोली, या आंटी के माध्यम से समूह में बैठकर संख्यात्मक ज्ञान और बच्चों के परिवार के सदस्यों के नाम बता कर अक्षर संबंधी ज्ञान कराया जा सकता है ।

मैं satendra kumar sharma P S KHAJWA 121 RAIPUR K REWA M.P. से हूँ । एक कुशल नेतृत्व कर्ता में समय की पाबंदी सभी को साथ लेकर चलना सर्वांगीण विकास उपलब्ध संसाधनों का समायोजन, प्रत्येक बच्चे तक संपूर्ण शिक्षा का पहुंचाना, सभी के साथ समान व्यवहार पाठशाला के साथ-साथ सामाजिक संबंध एवं सकारात्मक दृष्टिकोण, कार्यों में निपुणता चाहे वह प्रशासनिक हो या पाठ्यक्रम पाठ्यचर्या से संबंधित हो।

मैं satendra kumar sharma( P S KHAJWA 121RAIPUR K) REWA MP. से हूं । खेलकूद , व्यायाम हमारे जीवन का हिस्सा हैं । भीतरी खेल जैसे चेस खेलने से मानसिक विकास होता है । बाहरी खेल जैसे फुटबॉल या क्रिकेट से पूरे शरीर का व्यायाम हो जाता है । आसन /योग करने से हमारे शरीर का पूर्णतः व्यायाम व विकास हो जाता है ।