मैं satendra kumar sharma P S KHAJWA 121 RAIPUR K REWA M.P. से हूँ।बचपन मे एक कविता-मै गांधी बनजाऊगा।चल रे मडके टमक टुँ कक्षा -2-3मै सबको सुना ता था। स्कूल मे जब निरीक्षण मे मुझे पुरस्कार भी मिले । ओर थोडी सी त्रुटि पर सुताई भी बहुत होती थी।

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मैं satendra kumar sharma P S KHAJWA 121 RAIPUR K REWA M.P. से हूँ । 3 से 4 साल के बच्चे और 4 से 5 साल के बच्चे खेल के माध्यम से या छोटी वस्तुओं के माध्यम से जैसे चॉकलेट, गोली, या आंटी के माध्यम से समूह में बैठकर संख्यात्मक ज्ञान और बच्चों के परिवार के सदस्यों के नाम बता कर अक्षर संबंधी ज्ञान कराया जा सकता है ।

मैं satendra kumar sharma P S KHAJWA 121 RAIPUR K REWA M.P. से हूँ । एक कुशल नेतृत्व कर्ता में समय की पाबंदी सभी को साथ लेकर चलना सर्वांगीण विकास उपलब्ध संसाधनों का समायोजन, प्रत्येक बच्चे तक संपूर्ण शिक्षा का पहुंचाना, सभी के साथ समान व्यवहार पाठशाला के साथ-साथ सामाजिक संबंध एवं सकारात्मक दृष्टिकोण, कार्यों में निपुणता चाहे वह प्रशासनिक हो या पाठ्यक्रम पाठ्यचर्या से संबंधित हो।

मैं satendra kumar sharma( P S KHAJWA 121RAIPUR K) REWA MP. से हूं । खेलकूद , व्यायाम हमारे जीवन का हिस्सा हैं । भीतरी खेल जैसे चेस खेलने से मानसिक विकास होता है । बाहरी खेल जैसे फुटबॉल या क्रिकेट से पूरे शरीर का व्यायाम हो जाता है । आसन /योग करने से हमारे शरीर का पूर्णतः व्यायाम व विकास हो जाता है ।