मैं satendra kumar sharma P S KHAJWA 121 RAIPUR K REWA M.P. से हूँ। विद्यालय नेतृत्व के लिए चार लक्ष्यों को प्राप्त करना जरूरी है। (1)विद्यालय का रखरखाव, (2)सीखने का अवसर प्रदान करना, (3)नवाचार के लिए प्रेरित करना और(4) आवश्यकता एवं आकांक्षाओं की पूर्ति करना। कक्षा में अधिगम में विद्यालय नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विद्यालय नेतृत्व सीधे छात्र अधिगम में भाग ले सकता अथवा विद्यालय नेतृत्व शिक्षकों को प्रेरित करें और फिर शिक्षक छात्रों को अधिगम कराएं।

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मैं satendra kumar sharma P S KHAJWA 121 RAIPUR K REWA M.P. से हूँ । 3 से 4 साल के बच्चे और 4 से 5 साल के बच्चे खेल के माध्यम से या छोटी वस्तुओं के माध्यम से जैसे चॉकलेट, गोली, या आंटी के माध्यम से समूह में बैठकर संख्यात्मक ज्ञान और बच्चों के परिवार के सदस्यों के नाम बता कर अक्षर संबंधी ज्ञान कराया जा सकता है ।

मैं satendra kumar sharma P S KHAJWA 121 RAIPUR K REWA M.P. से हूँ । एक कुशल नेतृत्व कर्ता में समय की पाबंदी सभी को साथ लेकर चलना सर्वांगीण विकास उपलब्ध संसाधनों का समायोजन, प्रत्येक बच्चे तक संपूर्ण शिक्षा का पहुंचाना, सभी के साथ समान व्यवहार पाठशाला के साथ-साथ सामाजिक संबंध एवं सकारात्मक दृष्टिकोण, कार्यों में निपुणता चाहे वह प्रशासनिक हो या पाठ्यक्रम पाठ्यचर्या से संबंधित हो।

मैं satendra kumar sharma( P S KHAJWA 121RAIPUR K) REWA MP. से हूं । खेलकूद , व्यायाम हमारे जीवन का हिस्सा हैं । भीतरी खेल जैसे चेस खेलने से मानसिक विकास होता है । बाहरी खेल जैसे फुटबॉल या क्रिकेट से पूरे शरीर का व्यायाम हो जाता है । आसन /योग करने से हमारे शरीर का पूर्णतः व्यायाम व विकास हो जाता है ।